इंदौर के बहुचर्चित लवकुश चौराहे पर गुरुवार को प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की एक भुजा का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह फ्लाईओवर शहर के ट्रैफिक सिस्टम को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। पहली लेन शुरू होने के साथ ही अब उज्जैन की ओर से मरीमाता की तरफ जाने वाले वाहनों को चौराहे के सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।यह फ्लाईओवर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की ओर से तैयार किया जा रहा है। परियोजना की दूसरी भुजा भी आने वाले कुछ महीनों में तैयार होने की उम्मीद है। इसके पूरा होने के बाद लवकुश चौराहा एक तरह से थ्री-टियर ट्रैफिक सिस्टम के रूप में विकसित हो जाएगा, जिससे अलग-अलग दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को सुगम आवागमन मिल सकेगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कहा कि इंदौर और विकास एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उन्नत इंजीनियरिंग से तैयार यह फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।सिंहस्थ 2028 के दौरान भी मिलेगी बड़ी राहतइस परियोजना को वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान इंदौर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ने की संभावना है। ऐसे में डबल लेयर फ्लाईओवर के पूरी तरह शुरू होने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।फ्लाईओवर के शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और व्यस्त चौराहे पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही वाहन चालकों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।
दूसरी भुजा शुरू होने के बाद बदलेगी पूरी ट्रैफिक व्यवस्था
फिलहाल फ्लाईओवर की एक भुजा शुरू की गई है। दूसरी भुजा का निर्माण पूरा होने के बाद लवकुश चौराहे पर ट्रैफिक का संचालन और अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। इससे इंदौर से उज्जैन और शहर के अन्य हिस्सों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, इंदौर के लवकुश चौराहे पर शुरू हुई फ्लाईओवर की पहली लेन शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब लोगों की नजर दूसरी भुजा के निर्माण पर है, जिसके पूरा होने के बाद इस पूरे कॉरिडोर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।














