नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद सियासी माहौल गरमा गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना दिया।प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। बाद में राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।इस बीच कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोपप्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी समेत प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार ने संसद में नीट और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए विपक्ष को आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोड़ दी।जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी मांग को लेकर बाद में अपनी बात से पीछे हट गए। वहीं कांग्रेस ने सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के मुद्दों और छात्रों की मांगों पर सरकार को जवाब देना ही होगा।राहुल गांधी ने प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि कांग्रेस प्रधानमंत्री से छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाब मांगने के लिए पीएम आवास तक पहुंची है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं के मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है।संसद से सड़क तक सियासी संग्राममंगलवार को एक ओर संसद के भीतर विपक्ष ने छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी बताया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।














