इंदौर: दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के समर्थन में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार को इंदौर के भंवरकुआं स्थित धरना स्थल पहुंचे। दोनों नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।धरना स्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यदि आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ किसी तरह की ज्यादती या उत्पीड़न हुआ, तो कांग्रेस उनके समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं, दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा बजट में कटौती से व्यवस्था कमजोर हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। उनका कहना था कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को काम दिए जाने और ओएमआर शीट से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है।
दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने परीक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग के आरोपों की भी निंदा की और कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।














