नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया पेपर लीक संशोधन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा से भी पारित हो गया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से मंजूरी प्राप्त कर चुका था। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा।
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह कानून केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में UPSC, कर्मचारी चयन आयोग (SSC), बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं और अन्य सभी सार्वजनिक परीक्षाएं भी शामिल होंगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के बाद जब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो विपक्षी दलों के सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। मंत्री ने विपक्ष के इस कदम को गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा से बचना उचित नहीं है।विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस देखने को मिली। राजद सांसद मनोज झा ने लगातार पेपर लीक की घटनाओं का हवाला देते हुए NTA को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि एजेंसी को “बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।” इस बयान को लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ।इधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस भी दिया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने संसद में “इडियट” और “अंधभक्त” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन किया है। इस मामले पर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।














