उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़, कालभैरव मंदिर पर 3.5 किमी लंबी कतार; भोजेश्वर महादेव का 6 क्विंटल फूलों से श्रृंगार

सावन के चौथे सोमवार को मध्यप्रदेश के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची और अब तक करीब ढाई लाख भक्त दर्शन कर चुके हैं। वहीं कालभैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली, जहां करीब साढ़े तीन किलोमीटर तक लाइन लगी रही। भक्तों को दर्शन के लिए लगभग साढ़े तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उज्जैन के साथ ओंकारेश्वर-ममलेश्वर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। शाम को भगवान ओंकारेश्वर की पारंपरिक सवारी निकलेगी और इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। राजधानी भोपाल के नजदीक भोजपुर स्थित ऐतिहासिक भोजेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का महाकालेश्वर स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया है, जिसमें करीब 6 क्विंटल फूलों का इस्तेमाल हुआ। मंदसौर के प्रसिद्ध अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर में गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है और भक्त बाहर से ही प्रतीकात्मक अभिषेक कर रहे हैं। इंदौर के परदेसीपुरा स्थित गेंदेश्वर महादेव मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतीकात्मक स्थापना की गई है। वहीं रतलाम के श्री गढ़कैलाश महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का लच्छे यानी कलावे से विशेष श्रृंगार किया गया है। रतलाम में श्रद्धालुओं ने केदारेश्वर तक पैदल कांवड़ यात्रा भी निकाली। सावन के चौथे सोमवार पर पूरे प्रदेश में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के बीच शिवालयों में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है।














