नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर संसद पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में चंदा डालकर विरोध दर्ज कराया।
विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए हाथों में बैनर और तख्तियां भी थामीं। एक बैनर पर “अमित शाह संसद से गायब क्यों?” लिखा था, जिसे लेकर संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया।लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बाद में सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।सत्र के समापन के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई।इधर, कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री ने संसद में दिए गए अपने बयान में कहा था कि जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग नहीं हुई थी, जबकि विपक्ष का दावा इससे अलग है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।विपक्ष का कहना है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्षी दलों ने संसद परिसर में प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब मांगा।हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, संसद के अंतिम दिन हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।














