आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लाख दावों और सरकारी योजनाओं की चमक के बीच आदिवासी अंचल की एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जिसमें व्यवस्था की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है, दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेज बारिश के बाद उफनाए नाले के बीच स्थित श्मशान घाट में जलती चिता जलती हुई दिखाई दे रही है, स्थानीय लोगों के अनुसार यह घटना मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र गंधवानी के ग्राम जामला की बताई जा रही है, जानकारी के मुताबिक, 60-65 वर्षीय बापूसिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया था, उनका पिछले 6-7 महीनों से उपचार चल रहा था, परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी ही की थी कि अचानक नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और बाढ़ के तेज बहाव में जलती चिता बह गई, ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट नाले के बीच बने होने के कारण बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति बार-बार बनती है, उनका आरोप है कि यह निर्माण लापरवाही का परिणाम है और इससे अंतिम संस्कार के दौरान हमेशा खतरा बना रहता है, हालांकि, घटना के संबंध में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है..














