रीवा: मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। रीवा लोकायुक्त ने जल संसाधन विभाग, त्योंथर में पदस्थ अमीन रामबरण मिश्रा को पेंशन प्रकरण तैयार करने के एवज में 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अमीन इससे पहले भी शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ले चुका था और पेंशन का मामला आगे बढ़ाने के लिए लगातार पैसों की मांग कर रहा था।जानकारी के मुताबिक, ग्राम चुनरी निवासी 27 वर्षीय मोनू नापित ने 24 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के पिता रामसुचित नापित जल संसाधन विभाग के उप संभाग त्योंथर में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। 24 मार्च 2026 को सेवा के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां की पेंशन का प्रकरण तैयार कराने के लिए परिवार ने विभाग से संपर्क किया।आरोप है कि पेंशन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बदले अमीन रामबरण मिश्रा ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की। शिकायत के अनुसार आरोपी पहले 5 हजार रुपये ले चुका था और इसके बाद 7 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की गई। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा 4 हजार रुपये और लेने की बात सामने आई। इसके बाद शेष 3 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।

लोकायुक्त ने बनाई ट्रैप टीम
शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। डीआईजी मनोज सिंह और एसपी योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में लोकायुक्त टीम ने 26 जुलाई को ट्रैप कार्रवाई की।तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता जैसे ही बाणसागर कॉलोनी स्थित जल संसाधन कार्यालय के दूसरे तल की गैलरी में आरोपी को रिश्वत की रकम देने पहुंचा, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए रामबरण मिश्रा को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त ने आरोपी रामबरण मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। पूरी कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में की गई।
यह मामला एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में आम लोगों को अपने ही हक की राशि और पेंशन संबंधी काम के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर किए जाने के आरोपों को सामने लाता है। पिता की मौत के बाद मां की पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे परिवार से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के इस मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब विभागीय स्तर पर भी आगे की कार्रवाई का इंतजार है।














