इंदौर: शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक महिला पर अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर दुकानदारों से ठगी करने का आरोप लगा है। पीड़ित दुकानदारों के मुताबिक, महिला पहले दुकानों पर पहुंचकर सामान खरीदती है और इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट करने का भरोसा देकर सामान लेकर निकल जाती है। भुगतान नहीं मिलने पर दुकानदारों को ठगी का पता चलता है। मामले से जुड़े CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पहले बढ़ाती है दुकानदारों से पहचान, फिर करती है ठगीदुकानदारों के अनुसार, महिला अक्सर अपने नाबालिग बेटे के साथ दुकान पर पहुंचती है। वह पहले दुकानदार या स्टाफ से बातचीत कर मेलजोल बढ़ाती है और फिर करीब 5 से 10 हजार रुपये तक का सामान खरीदती है। सामान लेने के बाद वह ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कहती है।आरोप है कि पेमेंट के समय महिला तकनीकी समस्या या ऑनलाइन भुगतान में दिक्कत होने का बहाना बनाती है। इसके बाद दुकानदार को कुछ देर में रुपये देने की बात कहकर सामान लेकर वहां से निकल जाती है। बाद में जब दुकानदार भुगतान का इंतजार करता है तो उसे पता चलता है कि महिला ने पैसे नहीं दिए हैं।

कई दुकानों को निशाना बनाने का आरोप
पीड़ित दुकानदारों का दावा है कि महिला अब तक गोल्डी राठौर, मौर्यश्री कलेक्शन, सांवरिया कलेक्शन और कुबेर एंटरप्राइजेज सहित कई दुकानों से इसी तरह सामान लेकर जा चुकी है। इसके बाद दुकानदारों ने महिला की पहचान और उसके तरीके के बारे में अन्य व्यापारियों को सतर्क करने के लिए CCTV फुटेज भी प्रसारित किए हैं।
पुलिस को मिली शिकायत, तलाश जारी
एरोड्रम थाना पुलिस के अनुसार कुछ दुकानदारों ने महिला के खिलाफ शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला की तलाश की जा रही है।
एक दुकानदार ने महिला की पहचान पूर्वा के रूप में होने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि वह मालवा मिल क्षेत्र में रहती है और कथित तौर पर साठ फीट रोड की ओर दुकानों पर पहुंचती है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला और उसके नाबालिग बेटे की भूमिका को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के मामलों की वास्तविक संख्या और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
दुकानदारों के लिए जरूरी सावधानी
इस घटना के बाद व्यापारियों ने अन्य दुकानदारों से अपील की है कि ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट या भुगतान का मौखिक दावा देखकर सामान न दें। जब तक खाते में वास्तविक भुगतान की पुष्टि न हो जाए, तब तक सामान देने से बचें।














