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नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही: बाढ़ के बाद 289 शव बरामद, 1,500 लोग अब भी लापता; 288 भारतीयों से संपर्क नहीं

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नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक 289 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में नेपाल के नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद इसका असर निचले इलाकों तक पहुंचा है। बाढ़ का पानी आगे बढ़ते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी तंत्र तक पहुंचा, जिसके बाद नदी किनारे अलग-अलग स्थानों पर शव और मानव अवशेष मिलने लगे।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 105 भारतीय पर्यटक लापता, इन देशों के नागरिक भी  हैं लापता | Nepal Flood Disaster 142 Indians and NRI Among 291 Foreigners  Missing After Devastating Bhotekoshi

288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में मौजूद 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं। वहीं बाढ़ में फंसे 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान की जा चुकी है। लापता भारतीयों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने के प्रयास भी जारी हैं।

सेना और सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

लापता लोगों की तलाश और शवों की बरामदगी के लिए नेपाल की सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। चितवन में त्रिशूली और नारायणी नदियों के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा बल नदी किनारे सर्च और रिकवरी ऑपरेशन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान जारी रहने के साथ बरामद शवों की संख्या और बढ़ सकती है। बरामद शवों की पहचान और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय किया जा रहा है।

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चितवन में मिले 64 शव, अस्पताल का शवगृह हुआ फुल

बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए शव चितवन में कुरिनटार से लेकर नारायणगढ़ क्षेत्र तक नदी किनारे मिले हैं। गुरुवार, 27 अगस्त तक त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे 64 शव मिलने की सूचना है। लगातार शव मिलने के कारण भरतपुर अस्पताल का शवगृह पूरी तरह भर गया है। अब नए शवों के प्रबंधन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। चितवन के जिला पुलिस प्रमुख एसपी रामेश्वर पौडेल के मुताबिक, भरतपुर में एक औद्योगिक प्रतिष्ठान के कार्यालय भवन को अस्थायी शवगृह के तौर पर तैयार किया जा रहा है।

लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है। साथ ही बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए सामान को देखने या उठाने के लिए नदी तट पर भीड़ नहीं लगाने को कहा गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और बरामद शवों की पहचान करना है।

कैमरे में कैद हुआ बाढ़ का खौफनाक रूप

बाढ़ की भयावहता दिखाने वाला एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नदी का तेज बहाव बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को अपने साथ बहाता नजर आ रहा है। वीडियो में पानी की रफ्तार इतनी तेज दिखाई दे रही है कि नदी की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। अचानक आई इस बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। अब सबसे बड़ी चुनौती करीब 1,500 लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को तेज करना है।

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