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गडकरी का बड़ा ऐलान: राज्यों में शुरू हों बाइक टैक्सी, 8 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार

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ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती की तैयारी, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने का प्रस्ताव

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी को अनुमति देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निजी बाइक और स्कूटर के जरिए यात्रियों को परिवहन सुविधा देने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं और करीब 8 करोड़ लोगों को आजीविका का जरिया मिल सकता है। गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने बाइक टैक्सी की अनुमति से जुड़ा प्रावधान किया है, लेकिन परिवहन राज्य का विषय होने के कारण अलग-अलग राज्यों में इसके नियम और मंजूरी की स्थिति अलग है। उन्होंने राज्यों से बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति देने का आग्रह किया, ताकि लोगों को कमाई का नया अवसर मिल सके। इसके साथ ही गडकरी ने ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती के संकेत दिए हैं। सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव कर ड्राइवरों के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत हर ट्रैफिक उल्लंघन पर अंक दिए जा सकते हैं और तय सीमा तक अंक जमा होने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। गडकरी ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों में जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने भारी वाहन और निर्माण उपकरण चलाने वाले ड्राइवरों की अनिवार्य ट्रेनिंग पर भी जोर दिया। गडकरी ने कहा कि हाईवे निर्माण, खनन और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले ड्राइवरों की ट्रेनिंग और स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सरकार ने ‘सुरक्षा’ पायलट कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत हाईवे, खनन और निर्माण जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों से जुड़े करीब 10 लाख ड्राइवरों और कर्मचारियों की मुफ्त मेडिकल जांच और काउंसलिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण में महाराष्ट्र के नागपुर-कामठी क्षेत्र में NH-44 और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र में करीब 10 हजार लोगों की जांच की जाएगी। गडकरी ने कहा कि ड्राइवरों का स्वास्थ्य, खासकर आंखों की जांच, सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने निर्माण उपकरण बनाने वाली कंपनियों से भी अपील की कि JCB जैसे भारी उपकरण देने से पहले उन्हें चलाने वाले लोगों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जाए। सड़क हादसों के आंकड़ों का जिक्र करते हुए गडकरी ने दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में होने वाली मौतों पर चिंता जताई। उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाने, हिट एंड रन, गलत दिशा में वाहन चलाने, शराब पीकर ड्राइविंग और वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करने जैसी लापरवाहियों को सड़क हादसों की बड़ी वजह बताया। सरकार का फोकस अब एक तरफ बाइक टैक्सी के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और दूसरी तरफ वाहन चालकों की ट्रेनिंग, स्वास्थ्य जांच तथा ट्रैफिक नियमों के पालन को मजबूत करने पर है।

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