केरल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर, कर्नाटक में लैंडस्लाइड ने एक परिवार को लील लिया; जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित




देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। केरल और कर्नाटक में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करते हुए 209 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (35), उनकी पत्नी नागवेणी (28) और तीन वर्षीय बेटे संतोष के रूप में हुई है। हादसे के समय परिवार पहाड़ी के पास स्थित अपने घर में सो रहा था। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू क्षेत्र में शनिवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई मकानों और दुकानों में पानी घुस गया, दो कारें बह गईं और सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हुआ है। वहीं चमोली जिले के गौचर के पास कमेड़ा क्षेत्र में बद्रीनाथ हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया, जिसके बाद प्रशासन ने मार्ग पर यातायात को वन-वे कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी और सहायता कार्य में जुटे हुए हैं।














