उज्जैन। बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी सोमवार शाम धार्मिक उल्लास के बीच निकली। भादौ माह की यह पहली सवारी थी। शाम करीब 4 बजे महाकाल मंदिर से शुरू हुई सवारी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नगर भ्रमण के दौरान बाबा महाकाल ने अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए। सवारी रवाना होने से पहले मंदिर के सभामंडप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजमान भगवान महाकाल को सलामी दी। इसके बाद घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, पुलिस बैंड और विभिन्न भजन-झांझ मंडलियां सवारी के साथ आगे बढ़ीं। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल भी झांझ-मंजीरे बजाते हुए सवारी में शामिल हुए।

रामघाट पर मुख्यमंत्री ने की बाबा महाकाल की आरती
सवारी के रामघाट पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पुजारी आशीष शर्मा ने पूजन की प्रक्रिया संपन्न कराई। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल की आरती की। रामघाट पर बाबा महाकाल का मां शिप्रा के पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद आरती और पूजन-अर्चन की पारंपरिक विधियां पूरी की गईं। इसी दौरान सवारी पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई, जिससे घाट का माहौल और अधिक भव्य नजर आया।

पहली बार सवारी में शामिल हुआ रोबोट
इस बार महाकाल की सवारी में एक नया आकर्षण देखने को मिला। पहली बार रोबोट को सवारी का हिस्सा बनाया गया। रामघाट पर भजन की धुन पर रोबोट ने डांस किया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार यह रोबोट इंदौर की एक निजी कंपनी ने तैयार किया है। इसे भीड़ के बीच चलने के साथ-साथ किसी तरह की अव्यवस्था होने पर कंट्रोल रूम को स्वतः सूचना देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
84 महादेव की झांकी ने खींचा ध्यान
सवारी में इस बार 84 महादेव की धार्मिक झांकी भी शामिल की गई। इसके अलावा करीब 1100 बटुकों की मौजूदगी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। आदिवासी दल के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी, जबकि शहर के विकास को दर्शाती विभिन्न झांकियां भी सवारी में शामिल रहीं।
पुलिस जवानों की संगीतमय प्रस्तुति
बाबा महाकाल की सवारी के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के 300 से अधिक जवानों ने पुलिस बैंड के साथ प्रस्तुति दी। महाकाल मंदिर के गेट नंबर-1 और महाकाल चौराहे सहित प्रमुख स्थानों पर पुलिस बैंड ने पारंपरिक एवं भक्तिमय धुनें बजाईं। सवारी के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मौजूद रही। जयकारों, भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों के बीच भादौ माह की पहली सवारी ने उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा की भव्य तस्वीर पेश की।














