उज्जैन। बाबा महाकाल की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी इस बार धार्मिक आस्था के साथ एक अनोखे आकर्षण की वजह से भी चर्चा में रही। सवारी मार्ग पर जहां एक ओर बाबा महाकाल के जयकारे, ढोल-नगाड़े और भजनों की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं आधुनिक तकनीक ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। सवारी में पहली बार दो रोबोट शामिल किए गए। इनमें से एक रोबोट को पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनाया गया था और गले में ‘जय श्री महाकाल’ लिखा भगवा दुपट्टा डाला गया था। श्रद्धालुओं ने इसे मजाकिया और उत्साहपूर्ण अंदाज में ‘सनातनी रोबोट’ नाम दे दिया।

रोबोट के डांस ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
सवारी के दौरान जनजातीय कलाकारों के पारंपरिक नृत्य और पुलिस बैंड की धुनों के बीच दोनों रोबोट ने भी डांस किया। रोबोट को इस तरह नृत्य करते देख सवारी में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्सुकता बढ़ गई। रामघाट से लेकर सवारी मार्ग तक कई लोग अपने मोबाइल फोन से रोबोट का वीडियो बनाते नजर आए। कुछ श्रद्धालुओं ने रोबोट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। धार्मिक परंपरा के बीच तकनीक का यह अनोखा संगम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

डांस करते-करते अचानक गिरा रोबोट
रोबोट के प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प घटना भी हुई। डांस करते समय एक रोबोट अचानक अपना संतुलन खो बैठा और जमीन पर गिर गया। कुछ देर के लिए वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर चला गया। हालांकि, रोबोट को जल्द ही दोबारा खड़ा कर दिया गया और इसके बाद उसका प्रदर्शन फिर शुरू हो गया। इस पूरे घटनाक्रम को भी श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया।
आस्था के बीच तकनीक का नया अंदाज
बाबा महाकाल की सवारी सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ी है। इस बार सवारी में रोबोट की मौजूदगी ने परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का एक अलग ही दृश्य सामने रखा। श्रद्धालुओं के लिए बाबा महाकाल के दर्शन और धार्मिक माहौल के बीच रोबोट का डांस एक यादगार आकर्षण बन गया। सोशल मीडिया पर भी रोबोट से जुड़े वीडियो और तस्वीरें चर्चा में हैं। खासकर भगवा वेशभूषा में नजर आए रोबोट ने लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा।














