मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया उपचुनाव ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 करीब 12 घंटे तक जाम रहा, पुलिस पर पथराव हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। टिकट बदलने की अटकलों के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कर दिया कि बीजेपी में उम्मीदवार बदलने की कोई परंपरा नहीं है। वहीं खुद नरोत्तम मिश्रा ने संयम बरतने और पार्टी मंच पर अपनी बात रखने की बात कही है। बीजेपी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शनिवार को नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाए रखा। पुलिस ने रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उधर, टिकट बदलने की चर्चाओं पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि बीजेपी में प्रत्याशी घोषित होने के बाद उसे बदलने की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनका फोन नहीं उठा रहे हैं, लेकिन बातचीत कर उन्हें मना लिया जाएगा। वहीं डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बात पार्टी के उचित मंच पर रखेंगे। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। बाद में राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया सीट पर उपचुनाव की नौबत आई है।














