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ट्विशा शर्मा मौत मामला: पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ी, CBI ने कहा- दोनों वॉयस सैंपल देने से कर रहे इनकार

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भोपाल। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को भोपाल कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी वॉयस सैंपल देने से इनकार कर रहे हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस अनुदिता गुप्ता की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी जारी है और कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह वॉयस सैंपल देने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने दोनों को दोबारा वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी। ट्विशा शर्मा के पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने मीडिया को बताया कि समर्थ सिंह ने अब तक वॉयस सैंपल नहीं दिया है। वहीं, गिरिबाला सिंह पहले एक बार अपना वॉयस सैंपल दे चुकी हैं। सुनवाई के दौरान भोपाल एम्स ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम से संबंधित सभी दस्तावेज पहले ही सीबीआई को उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं, सीबीआई ने कहा कि दिल्ली एम्स से पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में अभी कोई नया अपडेट प्राप्त नहीं हुआ है।

चार्जशीट दाखिल करने के लिए CBI के पास 60 दिन

सीबीआई ने इस मामले की जांच 25 मई 2026 को अपने हाथ में ली थी। नियमानुसार एजेंसी के पास चार्जशीट दाखिल करने के लिए 60 दिन का समय है। यदि निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती, तो आरोपी पक्ष कानून के अनुसार जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि 12 मई 2026 को भोपाल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई, जो फिलहाल विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। नोट: इस मामले में जांच अभी जारी है। अदालत ने अभी किसी भी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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