भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। रविवार को कई जिलों में हुई तेज बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य कई हिस्सों में भारी से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
भोपाल में बारिश से सड़कें जलमग्न, VIP रोड पर गिरा पेड़
राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश का असर सोमवार सुबह तक दिखाई दिया। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। वहीं वीआईपी रोड पर बीच सड़क एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। प्रशासन और नगर निगम की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मंडला में नर्मदा का जलस्तर वार्निंग लेवल के पार
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडला में नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। शनिवार रात से जारी बारिश के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और वार्निंग लेवल को पार कर गया। जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 9 बजे नर्मदा का जलस्तर 435 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद कुछ ही घंटों में जलस्तर बढ़कर शाम 4 बजे 437.6 मीटर तक पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर के चलते नर्मदा का छोटा पुल भी पानी में डूब गया। पिछले 24 घंटे में मंडला जिले में करीब 2.33 इंच बारिश दर्ज की गई है। नर्मदा के अलावा बंजर और कनई नदी में भी तेज बहाव के साथ बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।

कई मार्गों पर आवाजाही रोकी, प्रशासन अलर्ट
नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बंजर और कनई नदी में पानी बढ़ने के बाद कुछ मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया है। नदी-नालों और पुल-पुलियों के आसपास निगरानी भी बढ़ाई गई है।प्रशासन और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
शिवपुरी में महुअर नदी उफान पर, गांव और खेतों में घुसा पानी
शिवपुरी जिले में भी तेज बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। पिछोर इलाके में शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद महुअर नदी उफान पर आ गई।गुरुकुदवाया गांव में नदी का पानी घुसने से स्कूल और कई घर जलमग्न हो गए। खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गईं। इसके अलावा बूढ़ोन शाजापुर, उमरीकला और पायगा सहित कई गांवों के खेतों में पानी भरने की सूचना है।महुअर नदी का तेज बहाव पिछोर से आगे बढ़ते हुए करैरा तक पहुंच गया। करैरा पुल पर भी इस सीजन में पहली बार नदी तेज बहाव के साथ बहती नजर आई।

पिछले साल से कम बारिश, फिर भी बाढ़ जैसे हालात
शिवपुरी में इस बार अब तक पिछले साल की तुलना में बारिश काफी कम हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में औसतन 313.82 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1043.54 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी इस साल अब तक करीब 730 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। इसके बावजूद बारिश के एक ही दौर में नदी-नालों के उफान पर आने और गांवों में पानी भरने से प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
इन जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
बारिश के बीच प्रशासन की बढ़ी चुनौती
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों और नदी किनारे बसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंडला में नर्मदा के बढ़ते जलस्तर और शिवपुरी में महुअर नदी के उफान ने साफ कर दिया है कि बारिश भले ही कुछ इलाकों में कम हुई हो, लेकिन कम समय में तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के बढ़े जलस्तर के दौरान सावधानी बरतें और जलमग्न पुल-पुलियों या तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें।














