इस खबर को वेबसाइट के लिए नए एंगल, दमदार हेडलाइन और न्यूज़ पोर्टल की भाषा में ऐसे लिखा जा सकता है:रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च से पहले राज्य सरकार छात्रों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला लेने की तैयारी में है। 14वीं JPSC PT को रद्द करने और पूरे परीक्षा विवाद की न्यायिक जांच कराने के विकल्प पर सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को छात्रों से बातचीत के लिए अधिकृत मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर चर्चा हुई। सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने पर विचार कर रही है।
14वीं JPSC PT पर टिकी निगाहें
छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना शामिल है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से छात्र विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने का निर्णय आंदोलन को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।
न्यायिक जांच पर भी हो सकता है फैसला
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच का विकल्प भी सरकार के सामने है। छात्रों की ओर से भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। यदि सरकार इस पर सहमति बनाती है तो परीक्षा विवाद की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
मंत्रियों ने छात्रों से की बातचीत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर से लौटने के बाद छात्रों से बातचीत के लिए अधिकृत चार मंत्रियों के साथ बैठक की। मंत्री सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा, दीपिका पांडे सिंह और संजय प्रसाद यादव ने छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की और उनकी मांगों को समझने का प्रयास किया।
हालांकि बातचीत से तत्काल कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका, लेकिन सरकार और छात्रों के बीच संवाद जारी रखने पर सहमति बनी हुई है।
रविवार की बैठक अहम
मंत्री संजय यादव के मुताबिक, रविवार दोपहर 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ एक और दौर की बातचीत प्रस्तावित है। इस बैठक को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 10 अगस्त को छात्र विधानसभा मार्च की तैयारी में हैं।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों में से किन मुद्दों पर सहमति बनाती है। यदि 14वीं JPSC PT रद्द करने और न्यायिक जांच जैसे मुद्दों पर फैसला होता है, तो लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को खत्म करने की दिशा में बड़ा रास्ता खुल सकता है।














