Home » देश » JNU यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को पुलिस का नोटिस, 11 छात्राओं ने लगाए आरोप

JNU यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को पुलिस का नोटिस, 11 छात्राओं ने लगाए आरोप

Share This Article

जांच में शामिल होने के लिए बुलाया; सांसद बोले- इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट नहीं मिली, राजनीतिक साजिश के तहत कार्रवाई का आरोपनई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को नोटिस जारी किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें पूछताछ और जांच में शामिल होने के लिए गुरुवार को बुलाया गया है। वसंत कुंज नॉर्थ थाने की पुलिस ने सांसद के आवास के बाहर भी नोटिस चस्पा किया है। इस मामले में JNU की 11 छात्राओं ने सांसद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है।

नंबरों के बदले सेक्स, यौन उत्पीड़न' के आरोपों पर कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम ने दी सफाई, गिनाए 4 तर्क, Ncr Hindi News - Hindustan

अंगोमचा बिमोल अकोइजाम मणिपुर के इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों और विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सांसद का कहना है कि उन्हें जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि रिपोर्ट के निष्कर्षों और सिफारिशों की जानकारी संबंधित पक्षों को दी जानी चाहिए थी। उन्होंने जांच प्रक्रिया में गोपनीयता के नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है।

अकोइजाम के मुताबिक, 9 अक्टूबर को JNU की इंटरनल कमेटी (IC) की ओर से उन्हें ईमेल मिला था। इसमें बताया गया था कि यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है। सांसद का दावा है कि जांच पूरी होने की सूचना मिलने के बावजूद उन्हें कमेटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं दी गई। उनका कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही वे निष्कर्षों को समझकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते थे और उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील कर सकते थे। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने से उनके कानूनी अधिकार प्रभावित हुए हैं।

सांसद ने यह भी कहा कि 9 अक्टूबर को जांच पूरी होने की जानकारी मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर JNU के कुलपति की ओर से उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। अकोइजाम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

फिलहाल, मामले में दिल्ली पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने सांसद को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। आरोपों की सच्चाई और जांच प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Live Poll

[democracy id="1"]

Also Read This