नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गोटेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम गौरतला में एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की है।पुलिस के अनुसार, बुधवार को बच्ची रोज की तरह स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला अनिल यादव स्कूल पहुंचा और बच्ची से कहा कि उसके माता-पिता ने उसे बुलाया है। भरोसा कर बच्ची उसके साथ चली गई। इसके बाद जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की। देर रात मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गांव के पास जंगल में तलाशी अभियान चलाया, जहां बच्ची का शव बरामद हुआ। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। गुरुवार शाम पुलिस ने आरोपी अनिल यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। उसके खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।घटना के बाद गोटेगांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर पहुंचे और आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर स्थिति को शांत कराया।

इधर, गोटेगांव नगर और आसपास के गांवों में इस घटना के विरोध में कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बच्ची की स्मृति में कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि सभी तथ्यों के आधार पर मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके। वहीं, पूरे क्षेत्र में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी को कठोरतम सजा दिए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।














