भोपाल। मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन राजधानी भोपाल में तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने वीर सावरकर सेतु (एमपीआरआई) के पास रोक दिया, जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए बसों की चार परतों में बैरिकेडिंग की। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, लेकिन पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें नीचे उतार दिया। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।किसानों के धरने और बैरिकेडिंग के चलते नर्मदापुरम-भोपाल हाईवे सहित मिसरोद, नर्मदापुरम रोड और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मुख्य मार्ग बंद होने से वैकल्पिक रास्तों पर भी वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। ट्रैफिक जाम में एम्बुलेंस तक फंस गईं, जिन्हें प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से निकालने का प्रयास किया। यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के चलते भोपाल कलेक्टर ने नर्मदापुरम रोड स्थित सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। वहीं ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से प्रभावित मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है।
यातायात पुलिस के अनुसार नर्मदापुरम, मंडीदीप, मिसरोद, कोलार और बागसेवनिया क्षेत्र से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। साथ ही नर्मदापुरम, बैतूल और जबलपुर जाने वाली बसों का रूट भी डायवर्ट किया गया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन लगातार किसानों से बातचीत के प्रयास में जुटा हुआ है।














