एंटरटेनमेंट डेस्क | अभिनेता और टीवी होस्ट शेखर सुमन ने अपने चर्चित शो ‘शेखर टुनाइट’ के हालिया एपिसोड में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वांगचुक के समर्थन में बोले शेखर शेखर सुमन ने अपने शो के ओपनिंग मोनोलॉग में कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति देश और समाज की बेहतरी तथा छात्रों के भविष्य के लिए अनशन पर बैठा है, फिर भी व्यवस्था की ओर से कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दे रही। अपने संबोधन में शेखर सुमन ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी है कि इतने गंभीर मुद्दे पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, तब उस पर व्यापक संवाद होना चाहिए। ‘हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है’ शेखर सुमन ने अपने भाषण के दौरान कहा कि:
“हम सब जिंदा लाशों में वो एक अकेला जीवित है।”
उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए सोनम वांगचुक के संघर्ष और सामाजिक सक्रियता की सराहना की। यह बयान सोशल मीडिया पर सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक हाल के दिनों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
शेखर सुमन के बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग उनके बयान का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष के लोग इससे असहमति भी जता रहे हैं।
फिलहाल, शेखर सुमन के बयान पर केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














