आगर मालवा। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी शक्तिपीठ मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। आरोप है कि मंदिर परिसर में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा बिना अधिकृत अनुमति के पूजा, यज्ञ-हवन और दान संग्रह की समानांतर व्यवस्था संचालित की जा रही थी। शिकायत के अनुसार, श्रद्धालुओं से नकद दान, सोना-चांदी और अन्य चढ़ावा लेने के लिए निजी रसीदें जारी की जाती थीं तथा राशि निजी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। समिति यह पता लगाएगी कि दान संग्रह की व्यवस्था किस अनुमति के तहत संचालित की जा रही थी, क्या वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ है और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार कौन हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कथित गबन या वित्तीय अनियमितताओं की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।














