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कूनो के नर चीते क्यों रहते हैं हमेशा साथ? जानिए ‘चीता गठबंधन’ की अनोखी कहानी

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श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां कई नर चीते ऐसे हैं जो बचपन से साथ रहते आए हैं और बड़े होने के बाद भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते। वन्यजीव विज्ञान में इसे ‘चीता कोएलिशन’ (Cheetah Coalition) कहा जाता है, जो नर चीतों के बीच बनने वाला एक मजबूत सामाजिक गठबंधन है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, गठबंधन में रहने वाले नर चीते केवल साथ घूमते ही नहीं, बल्कि मिलकर शिकार करते हैं, अपने क्षेत्र की निगरानी करते हैं और बाहरी खतरों का भी एकजुट होकर सामना करते हैं। इसी वजह से ऐसे चीतों के जीवित रहने और बड़े इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने की संभावना अकेले रहने वाले चीतों की तुलना में अधिक होती है. कूनो में गौरव-शौर्य, अग्नि-वायु और प्रभाष-पावक जैसे नर चीतों की जोड़ियां लंबे समय से साथ देखी जाती रही हैं। ये अधिकांश समय एक साथ भ्रमण करते हैं और कई बार एक ही शिकार को साझा करते हुए भी देखे गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मादा चीता ज्वाला के दो नर शावकों में भी इसी तरह का मजबूत सामाजिक व्यवहार विकसित होता दिखाई दे रहा है। दोनों शावक अक्सर साथ रहते और खेलते नजर आते हैं।

क्यों बनता है यह गठबंधन?

वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि नर चीते अक्सर अपने सगे भाइयों या बचपन के साथियों के साथ गठबंधन बनाते हैं। यह रिश्ता उनके अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होता है। गठबंधन में रहने से—

  • बड़े शिकार को पकड़ना आसान होता है।
  • क्षेत्र की सुरक्षा बेहतर ढंग से हो पाती है।
  • दूसरे नर चीतों से मुकाबला करने में मदद मिलती है।
  • जीवित रहने और प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है।

बाहरी दखल पसंद नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, नर चीतों का यह गठबंधन इतना मजबूत होता है कि कई बार वे अपने समूह में बाहरी चीते की मौजूदगी स्वीकार नहीं करते। ऐसे मामलों में आक्रामक व्यवहार भी देखने को मिल सकता है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार, कूनो में साथ रहने वाले अधिकांश नर चीते सगे भाई या बचपन के साथी हैं। उनके बीच स्वाभाविक रूप से मजबूत सामाजिक संबंध विकसित हो जाते हैं और यही कारण है कि वे लंबे समय तक एक टीम की तरह जंगल में रहते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि कूनो में चीतों का यह व्यवहार उनके सामाजिक जीवन और संरक्षण रणनीतियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दर्शाता है कि जंगल में केवल गति और ताकत ही नहीं, बल्कि आपसी सहयोग भी अस्तित्व का एक अहम आधार है।

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