मध्य प्रदेश। जब ज्यादातर लोग गंदगी देखकर आगे बढ़ जाते हैं, तब मध्य प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक ने ऐसी पहल की, जिसने अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। बिट्टू तबाही नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने करीब दो साल तक अजनार नदी की सफाई का अभियान चलाया। जिस नदी में कभी कचरा और प्लास्टिक जमा होने से पानी का बहाव तक प्रभावित हो गया था, वहां अब फिर से पानी बहता नजर आ रहा है।

अकेले शुरू किया सफाई का अभियान
बताया जाता है कि अजनार नदी लंबे समय से कचरे और गंदगी की समस्या से जूझ रही थी। आसपास जमा प्लास्टिक और दूसरे कचरे के कारण नदी का स्वरूप बदल गया था। कई लोगों ने इसे लगभग खत्म हो चुकी नदी की तरह देखना शुरू कर दिया था। इसी बीच बिट्टू ने नदी की सफाई का जिम्मा अपने स्तर पर उठाया। उन्होंने नदी और आसपास के घाटों से प्लास्टिक, फेंका हुआ कचरा और अन्य गंदगी हटाने का अभियान शुरू किया।
हर घाट की सफाई में लगे कई महीने
बिट्टू के मुताबिक सफाई का काम कुछ दिनों या कुछ हफ्तों में पूरा होने वाला नहीं था। उन्होंने बताया कि एक-एक घाट की सफाई में तीन महीने से ज्यादा समय लगा। करीब दो साल तक लगातार काम करने के बाद नदी की स्थिति में बदलाव नजर आने लगा। उनके प्रयासों के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग उनके काम की सराहना कर रहे हैं।
मजाक उड़ाने वालों को वीडियो से दिया जवाब
बिट्टू ने अपने एक हालिया वीडियो में उन लोगों को जवाब दिया, जो उनकी सफाई मुहिम को केवल सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का तरीका बता रहे थे। उन्होंने अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि वीडियो बनाने के साथ उन्होंने जमीन पर भी काम किया है। उनका कहना है कि नदी की सफाई के लिए उन्हें लंबे समय तक लगातार मेहनत करनी पड़ी।
आनंद महिंद्रा के पोस्ट का भी किया जिक्र
बिट्टू ने अपनी मुहिम के दौरान सामने आई प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए उद्योगपति आनंद महिंद्रा की ओर से किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया। उनके प्रयासों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। जो लोग कभी उनकी कोशिशों का मजाक उड़ाते थे, उनमें से कई अब उनके काम की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
सफाई के साथ सेहत का जोखिम भी
नदी से लंबे समय तक कचरा और प्रदूषित सामग्री निकालना अपने आप में चुनौतीपूर्ण काम है। ऐसी जगहों पर काम करने में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी हो सकते हैं। इसके बावजूद बिट्टू ने अपनी मुहिम जारी रखी। अजनार नदी की सफाई की यह कहानी सिर्फ एक नदी के बदलते स्वरूप की कहानी नहीं है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किसी बदलाव की शुरुआत करने के लिए हमेशा बड़ी टीम या बड़े संसाधनों का इंतजार जरूरी नहीं होता। एक व्यक्ति भी पहल करे तो उसका असर दूसरों तक पहुंच सकता है। अब बिट्टू की कोशिश सोशल मीडिया पर चर्चा में है और लोग उनके अभियान को नदी संरक्षण तथा स्वच्छता के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं।














