Home » लपेटा MP » इंदौर में फर्जी IAS का भंडाफोड़, होटल का बिल बना पुलिस तक पहुंचने की वजह

इंदौर में फर्जी IAS का भंडाफोड़, होटल का बिल बना पुलिस तक पहुंचने की वजह

Share This Article

घर के बाहर लगा रखी थी ‘IAS राज सोनी’ की नेमप्लेट, खुद को जिला कलेक्टर बताकर जमाता था रौब

इंदौर में खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने वाले 28 वर्षीय हिमांशु पांचाल को लसूड़िया पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला हिमांशु इंदौर के ओमेक्स सिटी-1 स्थित किराए के मकान में रह रहा था और उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदलकर लोगों के बीच खुद को ‘IAS राज सोनी’ के नाम से पेश करना शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर के बाहर बाकायदा ‘IAS RAJ SONI – District Collector’ लिखी नेमप्लेट भी लगा रखी थी। मामला तब सामने आया, जब पांच सितारा होटल में 16 लोगों को पार्टी देने के बाद उसने बिल चुकाने से इनकार कर दिया और होटल कर्मचारियों से कहा कि उसका PA दो घंटे बाद आकर भुगतान कर देगा।

फर्जी IAS राज सोनी उर्फ हिमांशु पांचाल। - Dainik Bhaskar

होटल में पार्टी के बाद खुला फर्जी अफसर का राज

पुलिस के मुताबिक, हिमांशु हाल ही में इंदौर के एक फाइव स्टार होटल में करीब 16 लोगों के साथ पहुंचा था। पार्टी के बाद जब भुगतान की बात आई तो उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए होटल कर्मचारियों पर रौब जमाया। उसने दावा किया कि उसका निजी सहायक कुछ समय बाद होटल का बिल चुका देगा। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ। होटल प्रबंधन को उसकी बातों पर संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। शिकायत के आधार पर लसूड़िया पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी के किराए के मकान तक पहुंची।

पूछताछ में सामने आई असली पहचान

पुलिस ने जब हिमांशु से उसकी पोस्टिंग और IAS अधिकारी होने से जुड़े दस्तावेज मांगे तो वह कोई वैध प्रमाण नहीं दे सका। पूछताछ के दौरान उसके बयान भी बदलते रहे। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम हिमांशु पांचाल बताया। तलाशी के दौरान उसके घर से फर्जी IAS पहचान से जुड़ी सामग्री भी मिली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने समाज में अपना रुतबा और प्रभाव बढ़ाने के लिए खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताने का तरीका अपनाया था।

अफसर जैसा दिखने के लिए अपनाया पूरा अंदाज

पुलिस की जांच में सामने आया कि हिमांशु सिर्फ नाम और नेमप्लेट तक सीमित नहीं था। वह लोगों से अधिकारी की तरह बातचीत करता था और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए अंग्रेजी में बात करने तथा सफेद शर्ट पहनने जैसी चीजों का इस्तेमाल करता था। उसने अपने आसपास के लोगों को भी यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह गुजरात कैडर का IAS अधिकारी है। पुलिस के अनुसार, वह ड्राइवरों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे अपनी कार चलवाने की कोशिश करता था।

नौकरी का झांसा और पुराने मामले की भी जांच

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी IAS बनकर हिमांशु ने कितने लोगों को प्रभावित किया और क्या इस पहचान का इस्तेमाल किसी से पैसे या अन्य लाभ लेने के लिए किया गया। जांच में गुजरात के गांधीनगर जिले के अडालज थाने में उसके खिलाफ 23 मई 2026 को दर्ज एक पुराने मामले की जानकारी भी सामने आई है। इंदौर पुलिस आरोपी के संपर्कों, गतिविधियों और फर्जी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर किए गए संभावित मामलों की पड़ताल कर रही है।

BNS की धारा 204 में केस, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड

लसूड़िया पुलिस ने हिमांशु पांचाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उसके मोबाइल, संपर्कों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी IAS की पहचान उसने कहां-कहां इस्तेमाल की। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से अपनी फर्जी पहचान के जरिए लोगों के बीच प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Live Poll

[democracy id="1"]

Also Read This