शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक ही परिवार से जुड़े चार बच्चों की करीब दस दिनों के भीतर हुई मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य 16 अगस्त को गोराटीला झरने पर पिकनिक मनाने गए थे। वहां नहाने और खाना खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद एक-एक कर चार बच्चों की मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच कराई गई है। साथ ही झरने के पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

पिकनिक के बाद बिगड़ी तबीयत, फिर हुई बच्चों की मौत
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी शहर के वार्ड-9 हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद और फिजिकल थाना क्षेत्र निवासी तनवीर अहमद के परिवारों के करीब 15 सदस्य 16 अगस्त को गोराटीला झरने पर गए थे। परिवार के लोगों ने वहां स्नान किया और एक साथ भोजन भी किया। इसके बाद बच्चों समेत कुछ सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। 18 अगस्त को तनवीर अहमद के 14 वर्षीय बेटे ताहिर की हालत ज्यादा खराब हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद करीब दस दिनों के भीतर चार बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई। तीन मृतक बच्चे आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं। हालांकि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर अभी जांच जारी है। झरने का पानी इसका कारण था या कोई अन्य संक्रमण अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने लिए 50 ब्लड सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ ने चिकित्सकों की दो टीमें गठित की हैं। टीमों ने पिकनिक पर गए परिवारों के सदस्यों की जांच करते हुए करीब 50 ब्लड सैंपल लिए हैं। तौकीर अहमद की 17 वर्षीय बेटी ताशीन की जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसके बाद उपचार शुरू किया गया है। चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। इसी के साथ गोराटीला झरने के पानी के भी नमूने लिए गए हैं, ताकि पानी की गुणवत्ता और संभावित संक्रमण की जांच की जा सके।

एसडीएम ने टीम के साथ किया झरना क्षेत्र का निरीक्षण
कलेक्टर के निर्देश पर कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ प्रशासनिक अमले के साथ गोराटीला क्षेत्र पहुंचे। पटवारी, सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग को गांव में सर्वे करने और ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया है।
रिपोर्ट आने तक झरने का पानी इस्तेमाल न करने की अपील
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जांच रिपोर्ट आने तक लोगों को झरने के पानी में नहाने, उसे पीने या किसी घरेलू काम में इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच के परिणाम सामने आने के बाद ही पानी से जुड़े किसी संभावित खतरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राहत
बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। रेडक्रॉस की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1.50 लाख रुपये की राहत राशि का चेक दिया गया। फिलहाल प्रशासन की जांच का फोकस बच्चों की मौत की वास्तविक वजह पता करने और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। पानी के सैंपल और स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि गोराटीला झरने से जुड़े घटनाक्रम और इन मौतों के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।














