छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। डॉक्टर ने पुलिस की मौजूदगी में क्लीनिक का CCTV फुटेज दिखाया, जिसके बाद स्थिति काफी हद तक शांत हुई। मृतक की पहचान चंदला निवासी सुम्मेर सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे सतना सेंट्रल जेल में पदस्थ महिला डिप्टी जेलर फिरोजा खातून के ससुर थे।
पट्टी करवाने क्लीनिक पहुंचे थे सुम्मेर सिंह
जानकारी के मुताबिक, 80 वर्षीय सुम्मेर सिंह रविवार को छतरपुर स्थित डॉ. ओझ दोसाज की निजी क्लीनिक पर पट्टी करवाने पहुंचे थे। क्लीनिक में मौजूद CCTV फुटेज के अनुसार, बुजुर्ग को स्ट्रेचर पर लिटाया गया था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टर के मुताबिक, स्थिति को देखते हुए उनका ब्लड प्रेशर चेक किया गया और ऑक्सीजन दी गई। हालत गंभीर होने पर परिजनों को तत्काल किसी नजदीकी अस्पताल या जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
रास्ते में हुई मौत, फिर क्लीनिक पहुंचे परिजन
डॉक्टर का कहना है कि परिजन बुजुर्ग को पहले एक नजदीकी अस्पताल लेकर गए, जहां से भी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में सुम्मेर सिंह की मौत हो गई। इसके बाद परिजन वापस निजी क्लीनिक पहुंचे और उपचार के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से जवाब मांगने लगे।
आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
बुजुर्ग की मौत से नाराज परिजनों और डॉक्टर के बीच विवाद बढ़ गया। इस दौरान क्लीनिक परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों द्वारा क्लीनिक के गेट पर लात-घूंसे चलाने और तोड़फोड़ किए जाने के आरोप भी सामने आए। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस के सामने दिखाया CCTV फुटेज
पुलिस की मौजूदगी में डॉक्टर ने क्लीनिक में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग परिजनों को दिखाई। फुटेज में बुजुर्ग के क्लीनिक पहुंचने, स्ट्रेचर पर लेटने, तबीयत बिगड़ने और डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार व ऑक्सीजन दिए जाने का घटनाक्रम दिखाई दिया। CCTV देखने के बाद विवाद काफी हद तक शांत हो गया। हालांकि, कुछ परिजन इसके बाद भी इंजेक्शन को लेकर सवाल उठाते रहे। डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि यदि उपचार के दौरान किसी तरह की लापरवाही या गलत इंजेक्शन का संदेह है, तो शव का पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए। इससे मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल बुजुर्ग की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शव को जिला अस्पताल ले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किस वजह से हुई और क्या उपचार के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी। गलत इंजेक्शन लगाए जाने के परिजनों के आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
फिरोजा खातून के परिवार से जुड़ा मामला
सुम्मेर सिंह के परिवार का नाम हाल ही में एक अन्य वजह से भी चर्चा में आया था। बताया जा रहा है कि उनके बेटे धर्मेंद्र सिंह की पत्नी फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में महिला डिप्टी जेलर हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिरोजा खातून और धर्मेंद्र सिंह ने 5 मई 2026 को छतरपुर जिले के लवकुशनगर में विवाह किया था। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। बुजुर्ग की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।














