रीवा। शहर के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट से जुड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया है। अमरपाटन से इलाज के लिए रीवा लाए गए मरीज सुरेश सेन की अस्पताल की लिफ्ट में फंसने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और अस्पताल परिसर में जमकर विरोध किया।

दूसरी मंजिल पर पहुंचते ही बिगड़ा मामला
जानकारी के मुताबिक अमरपाटन के लालपुर निवासी सुरेश सेन को बेहतर उपचार के लिए रीवा के नेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट के जरिए दूसरी मंजिल पर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद लिफ्ट में मौजूद गार्ड बाहर निकल गया और परिजनों को सीढ़ियों से आने के लिए कहा। इसी दौरान स्ट्रेचर को लिफ्ट से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी।
स्ट्रेचर निकालते वक्त अचानक नीचे गई लिफ्ट
परिजनों के मुताबिक इसी दौरान मरीज का कुछ हिस्सा लिफ्ट से बाहर आया था, तभी लिफ्ट अचानक नीचे की ओर चली गई। इस दौरान मरीज लिफ्ट और स्ट्रेचर के बीच फंस गया। परिजनों का आरोप है कि मरीज काफी देर तक लिफ्ट में फंसा रहा और उसे बाहर निकालने में करीब दो घंटे का समय लग गया। इस दौरान परिवार के लोग मदद के लिए अस्पताल प्रबंधन से गुहार लगाते रहे। बाद में मरीज ने दम तोड़ दिया। हालांकि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या लिफ्ट संचालन के दौरान किसी अन्य स्तर पर चूक हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
मरीज की मौत की खबर सामने आने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति बन गई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच विवाद और झूमाझटकी की स्थिति बनने की बात सामने आई है।

लिफ्ट की सुरक्षा और मेंटेनेंस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था और उसके रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि लिफ्ट में तकनीकी समस्या थी, तो मरीज को उसमें स्ट्रेचर के साथ ले जाने की अनुमति क्यों दी गई? वहीं हादसे के बाद मरीज को बाहर निकालने में इतना समय क्यों लगा? यह भी जांच का विषय है कि अस्पताल में लिफ्ट संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।














