मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में बीती रात हुई करीब दो घंटे की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। लगातार बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्ग और इलाके जलमग्न हो गए। कई कॉलोनियों में बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया, जिससे सामान खराब होने की शिकायत सामने आई है। भारी बारिश के चलते धानमंडी, शुक्ला चौक, नयापुरा रोड और दयामंदिर रोड समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

धानमंडी में दुकान के अंदर घुसा पानी
धानमंडी क्षेत्र में बारिश का पानी एक किराना व्यापारी की दुकान में घुस गया। पानी भरने से शक्कर, दाल, नमक और अन्य खाद्य सामग्री खराब होने की बात सामने आई है। व्यापारी का आरोप है कि जल निकासी के लिए पंप लगाए गए थे, लेकिन उन्हें समय पर चालू नहीं किया गया। इसके कारण बारिश का पानी बढ़ता गया और दुकान के अंदर तक पहुंच गया। हालांकि, पंप संचालन और जल निकासी में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पंप चलने के बावजूद जलभराव
हैरानी की बात यह रही कि धानमंडी स्थित पंप हाउस के सभी पंप संचालित होने के बावजूद इलाके में जलभराव की स्थिति बनी रही। ऐसे में जल निकासी व्यवस्था की क्षमता और मानसून से पहले किए गए इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुछ घंटों की बारिश में ही पानी बाजार और दुकानों तक पहुंच रहा है, तो भारी बारिश की स्थिति में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
मिड इंडिया अंडरब्रिज में तीन फीट तक पानी
तेज बारिश का असर मिड इंडिया अंडरब्रिज में भी देखने को मिला। यहां करीब तीन फीट तक पानी भरने की बात सामने आई है। नाले का पानी ओवरफ्लो होने के कारण अंडरब्रिज में आवागमन प्रभावित हुआ। जलभराव को देखते हुए लोगों से अंडरब्रिज से होकर निकलने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई।
गंदा पानी दुकानों और घरों में पहुंचा
मुक्तिधाम के समीप भी जलभराव की स्थिति सामने आई। यहां रामगोपाल शर्मा की लकड़ी की दुकान में गटर का पानी घुसने की शिकायत है। दुकानदार और आसपास के रहवासियों ने जल निकासी व्यवस्था की खामी और पीडब्ल्यूडी की कथित लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार बताया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गंदा पानी घरों और दुकानों में घुसने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रात में ही निरीक्षण पर निकले कलेक्टर
शहर में बिगड़ते हालात को देखते हुए कलेक्टर दिव्यांक सिंह रात में ही निरीक्षण के लिए निकल पड़े। उन्होंने अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को जल निकासी के लिए तत्काल आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों से जल्द से जल्द पानी निकाला जा सके।
मानसून की तैयारियों पर उठे सवाल
मंदसौर में बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों ने मानसून से पहले किए जाने वाले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि महज दो घंटे की बारिश में शहर के बाजार, सड़कें और रहवासी क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं, तो जल निकासी की तैयारियां कितनी प्रभावी हैं? फिलहाल प्रशासन के सामने तत्काल चुनौती जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने की है। वहीं स्थानीय लोगों की मांग है कि बारिश के बाद केवल अस्थायी राहत देने के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।














