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धामनोद के बालिका छात्रावास में रातों-रात कटे बच्चियों के बाल, 8-13 छात्राओं की शिकायत से मचा हड़कंप; पोहे में इल्लियां और सफाई का काम कराने के आरोप

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धामनोद। धार जिले के धामनोद के समीप धानी स्थित संत फ्रांसिस जेवियर बालिका छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। छात्राओं का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से रात में सोने के दौरान उनकी चोटी के बाल काटे जा रहे हैं। घटना को लेकर बच्चियों में डर का माहौल है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया और SDOP, तहसीलदार तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने छात्रावास पहुंचकर निरीक्षण किया।

Dhamnod Hostel Controversy | Girls Hair Cut CCTV Footage & Food Issue

रात में बाल काटे जाने की शिकायत

छात्राओं के मुताबिक, करीब 1 अगस्त से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। छात्राओं का दावा है कि रात में सोने के दौरान उनकी चोटी के बाल काट दिए जाते हैं। शनिवार रात एक छात्रा ने कुछ संदिग्ध महसूस होने की बात कही, जिसके बाद वह रोने लगी। उसे देखकर अन्य छात्राएं भी डर गईं। छात्राओं के अनुसार, डर के कारण कई बच्चियां रात करीब 12 बजे से सुबह 5 बजे तक सो नहीं सकीं। छात्राओं प्रियांशी बुंदेला और तन्वी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की जानकारी शिक्षकों को दी, लेकिन उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। छात्राओं के मुताबिक, उन्हें कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया गया कि वे नाटक कर रही हैं। हालांकि, बाल काटने की घटना के पीछे कौन है और यह किस परिस्थिति में हुआ, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले को जांच में लिया है।

8 से 13 बच्चियों की शिकायत

अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर करीब 8 से 10 बच्चियों ने रात में बाल कटने की शिकायत की है, जबकि अभिभावकों की ओर से करीब 13 बच्चियों के बाल काटे जाने की बात कही गई है। ऐसे में वास्तविक संख्या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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खाने और पानी की व्यवस्था पर भी सवाल

बाल काटे जाने की शिकायत के साथ ही छात्राओं ने छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। बच्चियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा है। छात्राओं के मुताबिक, सुबह मिलने वाले पोहे में कथित तौर पर इल्लियां निकल चुकी हैं। वहीं, शाम के भोजन में अक्सर चावल दिए जाने की शिकायत भी की गई है। पानी की व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं।

छात्राओं से सफाई का काम कराने का आरोप

अभिभावकों और छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में बच्चियों से झाड़ू-पोछा, सब्जी काटने, गेहूं बीनने, नालियों की सफाई और बाथरूम साफ कराने जैसे काम भी करवाए जाते हैं। एक अभिभावक ने दावा किया कि छात्रावास का चपरासी सप्ताह में केवल एक दिन आता है। इन आरोपों की भी प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है।

पेरेंट्स मीटिंग में उठा मामला

अभिभावक नरेंद्र सोलंकी के मुताबिक, 1 अगस्त से बच्चियों के बाल काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। पेरेंट्स मीटिंग के दौरान यह मुद्दा सामने आने के बाद अभिभावकों ने मामले को गंभीरता से उठाया। इसके बाद पालकों ने धामपुरी स्थित BEO कार्यालय में लिखित शिकायत आवेदन सौंपा। आवेदन में बच्चियों की सुरक्षा, बाल काटे जाने की शिकायत, पानी और भोजन की समस्या तथा छात्राओं से काम कराए जाने जैसे मुद्दों की जांच की मांग की गई है। अभिभावकों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CCTV फुटेज की जांच, लेकिन कैमरे की क्वालिटी पर सवाल

शिकायत मिलने के बाद धामनोद SDOP मोनिका सिंह, तहसीलदार और BEO राजेश रावल छात्रावास पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और परिसर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी चेक किए। BEO राजेश रावल ने बताया कि बाल काटे जाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने छात्रावास के CCTV फुटेज देखे। उनके मुताबिक, कैमरों की क्वालिटी अच्छी नहीं है और फुटेज ब्लर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावकों की ओर से भोजन और पानी को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। इन समस्याओं को लेकर छात्रावास प्रबंधन से बात की गई है और जल्द सुधार का आश्वासन दिया गया है।

SDOP बोलीं- किसी बच्चे की शरारत भी हो सकती है, जांच जारी

SDOP मोनिका सिंह ने बताया कि छात्रावास में कुछ बच्चियों के बाल कटे हुए पाए गए हैं, जिसके संबंध में निरीक्षण किया गया। रात के समय CCTV कैमरों का विजन स्पष्ट नहीं होने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि बच्चियों से बातचीत की गई है और मामले को जांच में लिया गया है। SDOP के मुताबिक, प्रथम दृष्टया किसी बच्चे की शरारत की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने छात्राओं की अन्य शिकायतों को भी सुना और छात्रावास प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।

अब जांच रिपोर्ट का इंतजार

बालिकाओं के बाल काटे जाने की शिकायत, CCTV फुटेज के स्पष्ट नहीं होने और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आए आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि रात के समय छात्रावास में बच्चियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस तरह सुनिश्चित की जा रही है? फिलहाल प्रशासन ने मामले को जांच में लिया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चियों के बाल किस परिस्थिति में कटे और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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