11 लोगों पर हमले के बाद 600 से ज्यादा बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई, लोगों को डंडा लेकर निकलने की नौबत
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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में हिंसक कुत्तों के बढ़ते हमलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों में कुत्तों के हमले में 11 लोग घायल हो चुके हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के 10 स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 600 से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई फिलहाल ऑनलाइन कराई जा रही है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय लोग घर से बाहर निकलते समय हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। प्रशासन ने हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है। चमोली कलेक्टर गौरव कुमार के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया था। शुरुआत में 20 से 23 अगस्त तक चार दिन की छुट्टी घोषित की गई थी, जिसे बाद में घटाकर दो दिन कर दिया गया। हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) अभियान चला रही है। अब तक 3 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है। टीम में वन विभाग, पशुपालन विभाग और तहसील के कर्मचारी शामिल हैं। अभियान में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार और सोमवार को तीन लोगों पर कुत्तों ने हमला किया। मंगलवार को स्कूली बच्चों समेत चार लोगों को काटा गया, जबकि बुधवार को तीन स्कूली बच्चों समेत चार अन्य लोगों पर हमला हुआ। घायलों को अस्पताल पहुंचाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने की अपील की है। पशुपालन विभाग ने नारायणबगड़ पशु चिकित्सालय में दो कैंप शुरू किए हैं। पकड़े गए कुत्तों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों से भी अपने पालतू कुत्तों का टीकाकरण कराने की अपील की गई है। पशु चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, क्षेत्र में अब तक 22 कुत्तों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। इसके अलावा दो गाय और एक बछड़े को भी टीका लगाया गया है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें लगातार इलाके में निगरानी कर रही हैं। लोगों में डर का माहौल है और सभी की नजर इस बात पर है कि हिंसक कुत्तों के हमलों पर पूरी तरह कब काबू पाया जाता है।














