वेल्डिंग सपोर्ट टूटने से बिगड़ा संतुलन, लोगों पर गिरी प्रतिमा
मुंबई के भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा अचानक लोगों की ओर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांच और सात साल की दो बच्चियां भी शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रतिमा को लालबाग से भुलेश्वर स्थित पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था। पंडाल से करीब 50 से 60 मीटर पहले प्रतिमा के पीछे लगाया गया वेल्डिंग सपोर्ट टूट गया, जिससे प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह आगे की ओर मौजूद लोगों पर जा गिरी। प्रतिमा गिरने के बाद उसके तीन हिस्से हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस, BMC और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

हादसे में गणेश मंडल अध्यक्ष समेत दो की मौत
हादसे में संकेत नेवशे और बृजेश हेमंत जोशी की जान चली गई। संकेत नेवशे भुलेश्वरचा राजा गणेश मंडल के अध्यक्ष बताए गए हैं। वहीं घायलों में वैभव घेनंद, पवन चौरसिया, लावण्या गनेर, दिव्या गनेर और कुणाल काशिद शामिल हैं। इनमें पांच साल की लावण्या और सात साल की दिव्या भी हादसे की चपेट में आईं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। बताया गया है कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है। हादसे के बाद पुलिस ने मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रतिमा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
पुलिस की शुरुआती जांच में वेल्डिंग सपोर्ट टूटने की बात सामने आई है, लेकिन प्रतिमा को ले जाने से पहले सुरक्षा इंतजामों की पर्याप्त जांच हुई थी या नहीं, इसे लेकर भी पड़ताल की जा रही है। हादसे के बाद प्रतिमा के टूटे हिस्सों को मौके से हटाया गया और प्रशासनिक टीमों ने स्थिति को नियंत्रित किया। घटना को लेकर यह दावा भी सामने आया है कि प्रतिमा को फैक्ट्री से बाहर निकालने के दौरान नट-बोल्ट में समस्या सामने आई थी और मरम्मत के बाद उसे जुलूस में शामिल किया गया था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

गणेशोत्सव से पहले बड़े आयोजनों की सुरक्षा चुनौती
मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान हजारों सार्वजनिक गणेश मंडलों की ओर से प्रतिमाओं के आगमन और विसर्जन के लिए बड़े जुलूस निकाले जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी और भारी प्रतिमाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। ऐसे में भुलेश्वर की घटना ने प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान तकनीकी सुरक्षा, वेल्डिंग सपोर्ट, वाहन व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के सामने अब आगामी गणेशोत्सव के दौरान ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती है।














