श्योपुर। श्योपुर जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर कथित हमले का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान विरोध कर रही भीड़ ने वनकर्मियों पर पथराव कर दिया और लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप है। अचानक हुए हमले के बाद वन विभाग की टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। घटना में एक बीट गार्ड और वनपाल के चोटिल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि विभाग की एक गाड़ी के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मामला श्यामपुर रेंज के मोरे का बीट और टर्रा कला क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम बुधवार को कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम ने अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू ही की थी कि वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

पथराव और लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप
आरोप है कि विरोध बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया। इसके बाद लाठी-डंडों से वनकर्मियों को दौड़ाने और मारपीट करने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ती देख वनकर्मी अपनी सुरक्षा के लिए मौके से पीछे हट गए। हमले के दौरान कुछ वनकर्मियों के चोटिल होने और विभागीय वाहन के शीशे टूटने की बात सामने आई है। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है और उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
हजारों बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
वन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मोरे का बीट और आसपास के जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि जंगल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर जमीन को साफ किया गया और इसके बाद वहां कब्जा करने की कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि काटे गए पेड़ों के तनों को आग लगाकर नष्ट किया जा रहा था। हालांकि, अतिक्रमण और पेड़ कटाई से जुड़े सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले भी हो चुका है टीम पर विरोध
बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले भी वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के लिए इसी क्षेत्र में पहुंचे थे। उस दौरान भी कथित तौर पर टीम का विरोध किया गया था और वनकर्मियों को मौके से वापस लौटना पड़ा था। बार-बार कार्रवाई के दौरान विरोध और हमले के आरोपों ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा वनकर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब पुलिस कार्रवाई पर नजर
घटना की सूचना वरिष्ठ वन अधिकारियों और पुलिस को दिए जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वन विभाग की टीम पर हमला करने के आरोप में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ही अगर सुरक्षित नहीं है, तो जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई आखिर कैसे पूरी होगी?














