इंदौर में गुंडों और अपराधियों पर सख्ती का दावा करने वाली पुलिस अब खुद सवालों के घेरे में है। कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर हुए विवाद में पुलिसकर्मियों पर पथराव करने वाले आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। घटना में घायल हुए पुलिसकर्मियों के बावजूद अब तक आरोपियों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। घटना के बाद पहले पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह पूरा मामला इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र स्थित डायमंड कॉलोनी की करीब 500 करोड़ रुपये कीमत की जमीन से जुड़ा है। 21 जून को इस जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने मोहसिन नाम के व्यक्ति को जमीन की निगरानी की जिम्मेदारी दी थी और वहां कुछ लोगों को बैठा रखा था। जब दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी मिली तो वह भी मौके पर पहुंच गया और दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद की सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने पूरे विवाद का वीडियो भी बनाया था, लेकिन बाद में उनके मोबाइल से वह वीडियो डिलीट करवा दिया गया। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है, उसे खाली कराने की कोशिश लंबे समय से चल रही है। पहले इस जमीन को लेकर सुरेंद्र संघवी का नाम भी सामने आ चुका है। कागजों में यह जमीन डायमंड गृह निर्माण संस्था के नाम दर्ज है, जबकि इसका कुछ हिस्सा स्वयं इंफ्रा कंपनी के पास भी बताया जाता है। पिछले करीब दस वर्षों से इस जमीन को लेकर अलग-अलग स्तर पर विवाद सामने आते रहे हैं। ताजा घटना के बाद भी पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज नहीं किया। करीब दो दिन बाद, जब मामला सुर्खियों में आया और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, तब एफआईआर दर्ज की गई। सूत्रों के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में भी लिया गया है, लेकिन उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।














