पन्ना। मध्य प्रदेश में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। लेकिन पन्ना जिले के गुनौर विधानसभा क्षेत्र में ध्वजारोहण के दौरान हुई एक चूक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि गुनौर विधायक राजेश वर्मा एक कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण कर रहे थे। जैसे ही तिरंगा फहराया गया, वह पाइप से निकलकर सीधे नीचे जमीन पर गिर गया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों के बीच कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई।

ध्वजारोहण के साथ ही नीचे गिरा तिरंगा
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि विधायक द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है और इसी दौरान तिरंगा पाइप से निकलकर नीचे गिर जाता है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर हुई इस घटना के बाद ध्वजारोहण की तैयारियों और व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना है कि ध्वजारोहण से पहले झंडे को बांधने, रस्सी, पाइप और अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर ली जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
विधायक बोले- बांधने में हुई गड़बड़ी
घटना को लेकर विधायक राजेश वर्मा ने इसे किसी जानबूझकर की गई लापरवाही के बजाय तिरंगे को बांधने में हुई गड़बड़ी बताया। उनका कहना है कि बांधने में गड़बड़ी के कारण तिरंगा नीचे गिर गया। विधायक ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें भी इस घटना का व्यक्तिगत रूप से दुख है।
राष्ट्रीय पर्व पर व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
राष्ट्रीय ध्वज देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगे का इस तरह जमीन पर गिरना निश्चित तौर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सवाल यह है कि क्या ध्वजारोहण से पहले पूरी व्यवस्था की ठीक से जांच की गई थी? क्या झंडे को बांधने और फहराने की व्यवस्था को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती गई थी? फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। घटना में किसी की मंशा पर सवाल उठाने के बजाय यह जरूर कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े कार्यक्रमों में छोटी से छोटी व्यवस्था की भी पहले से जांच बेहद जरूरी है।














