नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक की जारी भूख हड़ताल के बीच केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। दीपके ने दावा किया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 18वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने इसे सरकार की जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया। अपने पोस्ट में अभिजीत दीपके ने सरकार से कई सवाल पूछे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर बातचीत क्यों नहीं कर रहे?
- शिक्षा मंत्री से अब तक जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई?
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई?
- परीक्षा संबंधी विवादों पर सरकार क्या कदम उठा रही है?
- छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवाद की पहल क्यों नहीं की जा रही?
उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा का केंद्र विपक्षी दलों की भूमिका नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही होनी चाहिए।

विपक्षी नेताओं ने भी जताई चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। कुछ नेताओं ने उनसे स्वास्थ्य कारणों से अनशन समाप्त करने की अपील भी की है, साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया है। समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से अभिजीत दीपके के बयानों या सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। नोट: इस समाचार में अभिजीत दीपके के बयान और सार्वजनिक दावे शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। सरकार का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।














