सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। गोपालगंज थाना क्षेत्र में हथियार होने की सूचना पर एक मकान में दबिश देने पहुंची पुलिस को तलाशी के दौरान करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी मिली। पुलिस को यहां हथियार तो नहीं मिला, लेकिन नोटों से भरे बैग देखकर अधिकारियों ने मौके पर ही नोट गिनने की मशीन मंगवाई। करीब 5 घंटे तक नोटों की गिनती चलने के बाद बरामद नकदी की राशि लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। नकदी के स्रोत और इसे मकान में रखे जाने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

हथियार की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा बंदूक के साथ फोटो पोस्ट किए जाने और हथियार का प्रदर्शन करने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर गोपालगंज थाना पुलिस ने सौरभ पिता राजेश अहिरवार के मकान पर रविवार सुबह दबिश दी। पुलिस ने मकान की तलाशी ली, लेकिन तलाशी के दौरान कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। इसके बजाय पुलिस को घर में बड़ी मात्रा में नकदी मिली। नोटों से भरे बैग देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
मशीन मंगाकर 5 घंटे तक गिने गए नोट
नकदी की मात्रा अधिक होने के कारण पुलिस ने मौके पर नोट गिनने की मशीन मंगवाई। पुलिस अधिकारियों और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में नोटों की गिनती शुरू की गई। बताया जा रहा है कि करीब पांच घंटे तक चली गिनती के बाद नकदी की कुल रकम लगभग 3 करोड़ रुपये सामने आई। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम कहां से आई, किसकी है और इसे इस मकान में क्यों रखा गया था।
परिवार बोला- भोपाल में पदस्थ रिश्तेदार का है पैसा
पूछताछ के दौरान परिवार की ओर से दावा किया गया कि बरामद रकम उनकी नहीं है, बल्कि भोपाल में पदस्थ एक सरकारी इंजीनियर रिश्तेदार की है। बताया जा रहा है कि परिवार ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनके भोपाल निवासी रिश्तेदार रमेश अहिरवार ने करीब आठ महीने पहले यह रकम यहां रखी थी। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सरकारी इंजीनियर के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे घर में रखने की जरूरत क्यों पड़ी।
सौरभ और अंकित से पूछताछ
पुलिस ने मकान में मौजूद परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में सौरभ अहिरवार और अंकित अहिरवार से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस नकदी से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। रकम के स्रोत को लेकर अघोषित आय या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
40 लाख के प्लॉट की भी चर्चा
जांच के दौरान पुलिस को परिवार के रहन-सहन और हाल के बड़े लेन-देन को लेकर भी कुछ जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि सौरभ द्वारा हाल ही में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस लेन-देन और बरामद नकदी के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। पुलिस दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर इसकी पड़ताल कर रही है।
आयकर विभाग को भी दी गई सूचना
मकान से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने आयकर विभाग को भी मामले की सूचना दी है। अब संबंधित एजेंसियां रकम के स्रोत और दस्तावेजों की जांच कर सकती हैं। फिलहाल पुलिस ने बरामद नकदी को जांच के दायरे में लेते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऑटो चालक के घर तक करीब 3 करोड़ रुपये की रकम पहुंची कैसे? पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह रकम वास्तव में किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में रखने के पीछे क्या वजह थी।














