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रीवा में PWD के प्रभारी मुख्य अभियंता रिश्वत लेते गिरफ्तार, काम के बदले मांग रहा था 1 लाख रुपये महीना

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रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी एक निजी फर्म को PWD के काम दिलाने के एवज में हर महीने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।इस कार्रवाई में लोकायुक्त टीम ने मुख्य अभियंता के कथित अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।काम दिलाने के बदले हर महीने मांगे 1 लाखजानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता सोनू सिंह सतना जिले की एक टेस्टिंग लैब प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर हैं। उनकी फर्म PWD के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता परीक्षण का काम करती है।आरोप है कि PWD के काम दिलाने और काम में सहयोग करने के बदले प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे ने फर्म से हर महीने 1 लाख रुपये देने की मांग की थी। लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई।

सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जालरीवा में पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, मांग रहा था एक लाख महीना

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।

बताया गया कि आरोपी ने अपने कथित सहयोगी धर्मवीर भारती के माध्यम से शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम लेने की बात तय की थी।

50 हजार रुपये लेते ही दबोचे गए

मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने सिविल लाइन क्षेत्र में अटल पार्क के सामने आरोपी के शासकीय आवास के पास ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके कथित सहयोगी धर्मवीर भारती को पकड़ लिया।

कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में की गई।

दोनों को जमानत पर किया गया रिहा

लोकायुक्त की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

रीवा में हुई इस कार्रवाई के बाद PWD महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब लोकायुक्त टीम यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर हर महीने एक लाख रुपये की मांग कितने समय से की जा रही थी और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।

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