रतलाम। दिल्ली-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शिवगढ़ के पास हुआ, जहां सड़क किनारे खराबी के चलते खड़े ट्रक में तेज रफ्तार अर्टिगा कार पीछे से जा घुसी।बताया जा रहा है कि कार में सवार लोग झाबुआ जिले के पारा से खाटू श्याम बाबा के दर्शन के लिए जा रहे थे। रात के अंधेरे में चालक को सड़क किनारे खड़ा ट्रक समय पर दिखाई नहीं दिया और कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण कि कार के उड़े परखच्चे
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कार में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से 3 महिलाओं और 1 पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो बच्चों समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पुलिस और राहत दल ने कड़ी मशक्कत से निकाला
हादसे की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस और एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। राहत दल ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को दो एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे में प्रभावित परिवार के लोग इंदौर, धार और झाबुआ के पारा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया और कुछ परिजन रात में ही अस्पताल पहुंच गए।
खड़े ट्रक को लेकर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक ट्रक क्रमांक RJ 14 GP 7281 में खराबी आने के बाद उसे एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़ा किया गया था। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और अंधेरे में ट्रक दिखाई नहीं देने को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने रात के समय एक्सप्रेस-वे पर खराब होकर खड़े वाहनों के लिए सुरक्षा संकेत, पार्किंग व्यवस्था और पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।














