नासिक में मंगलवार को बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका
मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही भीषण बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पूर्वी उपनगर मानखुर्द में रविवार देर रात एक बहुमंजिला चाल ढहने से 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि राज्यभर में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कुल 13 लोगों के जान गंवाने की खबर है। मानखुर्द के जनता नगर इलाके में भारी बारिश के बीच एक तीन मंजिला चाल अचानक ढह गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए देर रात तक अभियान चलता रहा। इस हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
नासिक में मंगलवार को हाई अलर्ट, बादल फटने जैसी स्थिति की चेतावनी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में स्थिति की समीक्षा के बाद कहा कि नासिक में मंगलवार को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है और बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
मुंबई-पुणे संपर्क भी प्रभावित
भारी बारिश का असर मुंबई और पुणे के बीच संपर्क पर भी पड़ा है। कर्जत-लोनावला बेल्ट में भूस्खलन और मलबा आने से रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर भी आवाजाही बाधित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन अलर्ट मोड पर
मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और आसपास के कई इलाकों में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने के फैसले भी लिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश, तेज हवाएं और जलभराव की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।
सरकार की अपील
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र किनारे, जलभराव वाले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचें। जिन इलाकों में भूस्खलन या इमारतों के कमजोर होने का खतरा है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव कार्रवाई की जाएगी।














