भोपाल। बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई को अदालत से बड़ी राहत मिली है। हालिया सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई द्वारा दायर कई महत्वपूर्ण आवेदनों को मंजूरी दे दी, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से उठाई गई प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया गया। अदालत के इस फैसले को जांच एजेंसी के लिए अहम बढ़त माना जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी समर्थ सिंह के लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस का पासवर्ड हासिल करने के लिए सीबीआई के आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही आरोपी के वॉयस सैंपल और ऑडियो साक्ष्यों से जुड़े आवेदन को भी मंजूरी दे दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी इन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है। सीबीआई ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में ऑडियो साक्ष्य पेश किए थे, जिन पर आरोपी पक्ष ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, अदालत ने इन आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया और सीबीआई के पक्ष में फैसला सुनाया। माना जा रहा है कि डिजिटल डिवाइस और ऑडियो साक्ष्य इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आरोपी पक्ष की कई मांगें खारिज
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से त्विषा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने, सीएफएसएल रिपोर्ट और वित्तीय पहलुओं से जुड़ी जांच कराने की मांग की गई थी। अदालत ने इन सभी अर्जियों को खारिज कर दिया। इसके अलावा आरोपी समर्थ सिंह की ओर से मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की मांग भी नामंजूर कर दी गई।
गिरिबाला सिंह की आपत्ति भी नहीं मानी
मामले की दूसरी आरोपी गिरिबाला सिंह ने कटारा हिल्स थाने में दर्ज लूट के एक मामले में सीबीआई को निर्देश देने संबंधी आपत्ति उठाई थी। अदालत ने इसे भी खारिज करते हुए कहा कि लूट का मामला अलग अपराध है और वह स्वतंत्र रूप से दर्ज किया गया है, इसलिए उसे इस मामले की सुनवाई से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
जांच को मिलेगी नई दिशा
अदालत के इस आदेश के बाद सीबीआई को अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों और वॉयस सैंपल के जरिए जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं आरोपी पक्ष की प्रमुख मांगें खारिज होने के बाद यह माना जा रहा है कि अब जांच एजेंसी को मामले में सबूतों की कड़ी और मजबूत करने का मौका मिलेगा।














