बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। किरनापुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी के साथ कथित मारपीट और नियम विरुद्ध तरीके से पूछताछ करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया है।
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तत्कालीन थाना प्रभारी समेत चार पर कार्रवाई
निलंबित पुलिसकर्मियों में किरनापुर के तत्कालीन थाना प्रभारी एवं उप निरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेले, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम शामिल हैं। इन पर शिकायतकर्ता से कथित तौर पर नियमों के विपरीत पूछताछ करने, अपराध कबूल करने के लिए दबाव बनाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
1.10 लाख रुपये निकालने के बाद 50 हजार गायब होने की शिकायत
मामला 21 अगस्त को सामने आई एक कथित चोरी की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक किरनापुर पोस्ट ऑफिस से एक महिला ने 1 लाख 10 हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद रकम में से करीब 50 हजार रुपये गायब होने की शिकायत की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज किया और जांच के दौरान कैलाश चौधरी को आरोपी बनाए जाने की बात सामने आई।

घर से थाने ले जाने और मारपीट का आरोप
कैलाश चौधरी की शिकायत के मुताबिक पुलिस उसे उसके घर से थाने लेकर गई थी। उसका आरोप है कि थाने में उससे नियम विरुद्ध तरीके से पूछताछ की गई और चोरी की घटना कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है।
गर्भवती पत्नी के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप
शिकायत में कैलाश की पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। महिला के करीब दो माह की गर्भवती होने की बात कही गई है। शिकायत में थाने के भीतर दोनों के कपड़े उतरवाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ग्रामीणों और रिश्तेदारों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी। शिकायत सामने आने के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
डीएसपी की अगुवाई में एसआईटी करेगी जांच
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। इसकी जिम्मेदारी डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर को सौंपी गई है। एसआईटी को पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल
पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल इन्हें शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। अब एसआईटी की जांच में यह स्पष्ट होगा कि पूछताछ के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। एसपी की तत्काल कार्रवाई के बाद किरनापुर पुलिस थाने से जुड़े इस मामले ने जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत/पूछताछ की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।













