रेवंत रेड्डी ने बिना नाम लिए हरीश राव पर कर्नाटक-तमिलनाडु के मंदिरों में तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया; BRS नेता ने पलटवार कर मानहानि केस की चेतावनी दी
हैदराबाद। तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान से सियासी गर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने और सरकार गिराने के लिए कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और काला जादू कराने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेता राज्य में सूखा पड़ने, किसानों को परेशानी होने और कांग्रेस सरकार के गिरने की प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह बात संगारेड्डी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना BRS विधायक टी. हरीश राव पर कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर कथित तौर पर तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़नी चाहिए, लेकिन सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह की गतिविधियों का सहारा लेना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रायथु भरोसा योजना के तहत राज्य के करीब 70 लाख किसानों के बैंक खातों में अब तक 36 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एल नीनो के प्रभाव के बावजूद गोदावरी और कृष्णा नदियों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहा है। रेवंत रेड्डी ने सरकार की खाद्य वितरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में हर महीने करीब 3.48 करोड़ लोगों को 2 लाख क्विंटल से अधिक चावल वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों और आम लोगों के हित में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के आरोपों पर BRS नेता हरीश राव ने पलटवार किया है। उन्होंने रेवंत रेड्डी पर स्वतंत्रता दिवस के दिन झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। हरीश राव ने कहा कि वह लगातार किसानों, बेरोजगार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, अधूरी किसान कर्जमाफी और खाद की कमी जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा।हरीश राव ने मुख्यमंत्री के आरोपों को गंभीर बताते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े सवाल उठाने के कारण मुख्यमंत्री उन पर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन वह किसानों, युवाओं और छात्रों की आवाज उठाना जारी रखेंगे।
यह पहली बार नहीं है जब तेलंगाना में कांग्रेस और BRS के बीच तंत्र-मंत्र और कथित काला जादू को लेकर राजनीतिक बयानबाजी हुई है। इससे पहले 4 अगस्त को तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने भी हरीश राव पर राज्य में बारिश रोकने के लिए कथित तौर पर ‘क्षुद्र पूजा’ कराने का आरोप लगाया था। BRS ने इन आरोपों को खारिज किया था। अब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ताजा आरोप और हरीश राव के पलटवार के बाद तेलंगाना की सियासत में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने से आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।














