मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए Rs 500 करोड़ के जमीन घोटाले के आरोपों को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूरी तरह खारिज कर दिया。दिग्विजय सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने के बाद सियासी भूचाल आ गया है न्यास का सरकारी स्वरूप: दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में स्पष्ट किया कि यह संपत्ति कोई निजी ट्रस्ट नहीं, बल्कि ‘वीर भारत न्यास’ है, जिस पर राज्य सरकार का नियंत्रण होता है इस न्यास के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं。जब राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी, तब भी मुख्यमंत्री ही इसके अध्यक्ष थे इसी को लेकर देखिए हमारी खास रिपोर्ट भुवनेश सेंगर के साथ














