दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी। घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान कांग्रेस ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक भी नामांकन रैली में शामिल हुए। घनश्याम सिंह दतिया विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उपचुनाव में उसका प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

जीतू पटवारी बोले- दतिया बदल देगा मध्य प्रदेश की राजनीति
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया का उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव है।उन्होंने कहा, “दतिया की जनता भाजपा को कम से कम 25 हजार वोटों से हराएगी। कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।” नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के सवाल पर जीतू पटवारी ने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है और कांग्रेस का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों के कारण भाजपा ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। साथ ही भाजपा प्रत्याशी को लेकर भी उन्होंने राजनीतिक आरोप लगाए।
30 जुलाई को होगा मतदान
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने दतिया सीट से जीत दर्ज की थी। बाद में एक ऋण धोखाधड़ी (लोन फ्रॉड) मामले में सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते यह सीट रिक्त हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बाद में की जाएगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है।














