भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने दतिया जिले की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह कार्रवाई उपचुनाव में हार के कारणों की समीक्षा रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई।


भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से जारी आदेश में जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुबीर सिंह कुशवाह को भी उनके दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। दतिया उपचुनाव में पार्टी की हार के बाद संगठन ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने स्थानीय कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और चुनाव प्रबंधन से जुड़े लोगों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी। बताया जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर संगठन ने पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग करने का निर्णय लिया। उपचुनाव के दौरान भाजपा के भीतर असंतोष और भीतरघात की चर्चाएं लगातार सामने आती रहीं। टिकट वितरण के बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं की नाराजगी भी खुलकर सामने आई थी। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश की, लेकिन चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं रहे।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से पराजित किया। कांग्रेस प्रत्याशी को 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 60,741 मत प्राप्त हुए। चुनाव में अन्य दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी भी मुकाबले को प्रभावित करने वाली मानी गई। भाजपा संगठन के इस फैसले को आगामी चुनावों से पहले संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब दतिया जिले में नए संगठनात्मक ढांचे के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।














