भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले करीब 10 दिनों से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देशभर में सक्रिय सात चक्रवाती सिस्टम का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दूसरा दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र और अन्य चक्रवाती परिसंचरणों के कारण मध्य प्रदेश के ऊपर अनुकूल मौसमी परिस्थितियां बन रही हैं। इसका असर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम प्रदेश में अच्छी और व्यापक बारिश कराने में अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं इंदौर, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, मंडला, अनूपपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित थे। कई क्षेत्रों में खेतों में नमी की कमी और फसलों के सूखने की आशंका बढ़ गई थी। मौसम विभाग का मानना है कि यदि वर्तमान सिस्टम सक्रिय बना रहा तो प्रदेश में बारिश का यह दौर लंबा चल सकता है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

अब तक सामान्य से कम बारिश
आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति और गंभीर है, जहां सामान्य से करीब 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश के 35 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों की श्रेणी में शामिल हैं।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं आम नागरिकों से भी बारिश के दौरान सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने की अपील की गई है।














