Home » लपेटा लेटेस्ट » MP Promotलाखों सरकारी कर्मचारियों पर असर डालने वाले प्रमोशन में आरक्षण मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को

MP Promotलाखों सरकारी कर्मचारियों पर असर डालने वाले प्रमोशन में आरक्षण मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को

Share This Article

जबलपुर। मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पदोन्नति में आरक्षण पिछड़ेपन और शासकीय सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़ों के आधार पर दिया जा रहा है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की विशेष पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह संबंधित कर्मचारियों का पूरा डाटा याचिकाकर्ताओं के साथ साझा करे, ताकि वे उस पर अपना पक्ष रख सकें। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। विशेष पीठ कर रही है सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया के स्वयं को मामले से अलग करने के बाद गठित विशेष पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विनय सराफ शामिल हैं, इस मामले की सुनवाई कर रही है। मंगलवार को राज्य सरकार ने अदालत के समक्ष विस्तृत जवाब पेश किया। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पदोन्नति में आरक्षण संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपलब्ध कराए गए पिछड़ेपन तथा सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़ों के आधार पर दिया जा रहा है।

हाई कोर्ट ने दिए अहम निर्देश

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार अपने दावों के समर्थन में उपलब्ध कर्मचारियों से संबंधित डाटा और अन्य आवश्यक जानकारी याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराए। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जवाबी बहस की तैयारी के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 21 जुलाई निर्धारित की।

लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

प्रमोशन में आरक्षण का यह मामला प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस केस के अंतिम निर्णय का सीधा असर पदोन्नति, वरिष्ठता और सेवा संबंधी अधिकारों पर पड़ सकता है। इसलिए सरकारी कर्मचारी और विभिन्न कर्मचारी संगठन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

मामले की प्रमुख बातें

  • राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर विस्तृत जवाब दाखिल किया।
  • सरकार ने कहा कि आरक्षण का आधार पिछड़ापन और सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े हैं।
  • हाई कोर्ट ने कर्मचारियों का संबंधित डाटा याचिकाकर्ताओं के साथ साझा करने के निर्देश दिए।
  • मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
  • फैसले का असर मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और वरिष्ठता पर पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Live Poll

[democracy id="1"]

Also Read This