इछावर, सीहोर। सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम बलोडिया में आयोजित जनसेवा अभियान सह समस्या निवारण शिविर में एक तरफ मंच पर मंत्री और कलेक्टर के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में हुई बातचीत चर्चा में रही, तो दूसरी तरफ एक ग्रामीण की शिकायत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम के दौरान हुए दोनों घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

मंत्री ने कहा- कलेक्टर साहब, बंदूक का लाइसेंस चाहिए
शिविर के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और सीहोर कलेक्टर बालागुरु मंच पर मौजूद थे। इसी दौरान मंत्री ने मुस्कुराते हुए कलेक्टर से कहा कि उन्हें बंदूक का लाइसेंस चाहिए।मंत्री की बात पर कलेक्टर ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया— “नहीं होगा साहब!”कलेक्टर का यह जवाब सुनते ही पांडाल में मौजूद लोगों के बीच हंसी-ठिठोली का माहौल बन गया। कार्यक्रम के वीडियो में दोनों के बीच यह संवाद साफ तौर पर चर्चा में आया है।
‘आज मंत्री हैं, कल नहीं होंगे…’ वर्मा ने दिया जनसेवा का संदेश
इसके बाद मंत्री करण सिंह वर्मा ने इसी हल्के-फुल्के माहौल को जनसेवा के संदेश से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पद स्थायी नहीं होते। आज कोई कलेक्टर है तो कल नहीं हो सकता और आज कोई मंत्री है तो कल वह भी उस पद पर नहीं रहेगा। मंत्री ने अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा कि जब तक जिम्मेदारी और पद मिला है, तब तक जनहित में निष्ठा से काम किया जाना चाहिए। मजाकिया बातचीत से शुरू हुआ यह प्रसंग देखते ही देखते प्रशासनिक जिम्मेदारी और जनसेवा के संदेश में बदल गया।
मंच पर ग्रामीण की शिकायत से बदला माहौल
कार्यक्रम के दौरान एक ग्रामीण अपनी समस्या लेकर मंच के सामने पहुंचा। ग्रामीण ने इछावर एसडीएम और प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कहा कि वह पहले ब्रिजिशनगर की जनसुनवाई में भी अपनी समस्या लेकर पहुंच चुका था, लेकिन वहां समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण के मुताबिक उसे बार-बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन समस्या का वास्तविक निराकरण नहीं हो पा रहा। इसी वजह से वह बलोडिया में आयोजित शिविर में अपनी शिकायत लेकर पहुंचा।
मंत्री ने संभाला मोर्चा, SDM को दिए तत्काल निराकरण के निर्देश
ग्रामीण की शिकायत के बाद राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। मंत्री ने अधिकारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि अधिकारी लगातार जनसेवा से जुड़े कामों में व्यस्त रहते हैं और कई मामलों में तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से समय लग सकता है। हालांकि, मंत्री ने शिकायत को लंबित रखने के बजाय इछावर एसडीएम को आवेदन का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निराकरण करने के निर्देश दिए।
एक ही मंच पर ठहाके भी, शिकायत भी
बलोडिया का यह शिविर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक ही कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था की दो तस्वीरें सामने आईं। मंच पर बंदूक के लाइसेंस को लेकर मंत्री और कलेक्टर के बीच हंसी-मजाक हुआ, वहीं कुछ देर बाद एक ग्रामीण को अपनी समस्या के लिए अधिकारियों के सामने शिकायत रखनी पड़ी। अब सवाल यही है कि शिविरों में आने वाली शिकायतों का वास्तविक समाधान कितनी तेजी से होता है, क्योंकि जनसेवा अभियान की सफलता का असली पैमाना मंच पर होने वाली घोषणाएं नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का जमीन पर होने वाला निराकरण है।













